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मुंबई पत्तन भारत के पश्चिमी तट पर लगभग मध्य में (अक्षांश 18° 54' उत्तर, देशांश 72° 49' पूर्व) स्थित है और लगभग 400 वर्ग किलोमीटर का प्राकृतिक गहरे पानी का बंदरगाह है, जो पूर्व में कोंकण की मुख्य भूमि और पश्चिम में मुंबई द्वीप द्वारा संरक्षित है।
बंदरगाह की गहराई पूरे वर्ष नौवहन के लिए अनुकूलता प्रदान करती है। बंदरगाह तक पहुँचने वाले मार्ग उत्तर में स्थित प्रॉन्ग्स लाइटहाउस, जो 27 किलोमीटर की दूरी से, और दक्षिण में स्थित केनेरी लाइटहाउस जो 29 किलोमीटर की दूरी से दिखाई देते हैं, अच्छी तरह से रोशन हैं । बंदरगाह का प्रवेश द्वार, जहाँ दक्षिण-पश्चिम से प्रवेश किया जा सकता है, प्रॉन्ग्स खाडी और थुल खाडी के बीच, दक्षिण-पूर्व में मुख्य भूमि से लगभग 9 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है।
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पत्तन का मुख्य नौवहन चैनल अधिकांशतः प्राकृतिक रूप से गहरा जलमार्ग है। इसे 11 मीटर तक गहरा किया गया है। 3.3 मीटर के औसत उच्च ज्वार के साथ, यह मार्ग बड़ी संख्या में कार्गो जहाजों, यात्री जहाजों और गहरे डुबाव वाले टैंकरों की आवश्यकता को पूरा करने के लिए पर्याप्त है। अच्छी प्रकाश व्यवस्था के कारण पत्तन पर चौबीसों घंटे नौचालन की अनुमति है। शुष्क माल का प्रह्स्तन इंदिरा गोदी नामक एक बंद जल गोदी है जिसका कुल जल क्षेत्र 24.04 हेक्टेयर और जिसका घाट लगभग 4000 मीटर का है। इंदिरा गोदी में 228.6 मीटर लंबा और 30.5 मीटर चौड़ा प्रवेश लॉक है, जिसके माध्यम से जहाज ज्वार की किसी भी स्थिति में गोदी में प्रवेश कर सकते हैं या बाहर निकल सकते हैं। बेसिन के अंदर 21घाट और बाहरी दीवार की ओर 5 घाट हैं, जिनकी परिकल्पित गहराई क्रमशः 9.14 मीटर और 7.5 मीटर है। बेसिन के अंदर के घाटो की गहराई को इलेक्ट्रिक पंपों द्वारा पानी भरकर 1.20 मीटर तक बढ़ाया जा सकता है। इंदिरा गोदी के पूर्वी भाग के दक्षिणी विस्तार पर दो घाट हैं, जिनका नाम बैलार्ड पियर स्टेशन और बैलार्ड पियर एक्सटेंशन है। बैलार्ड पियर एक्सटेंशन बर्थ 244 मीटर लंबा है और इस पर एक आधुनिक यात्री टर्मिनल है। इसकी परिकल्पित गहराई निर्देशांक रेखा से नीचे 9.75 मीटर है। बैलार्ड पियर स्टेशन घाट कंटेनर जहाजों के लिए है और इसकी परिकल्पित गहराई निर्देशांक रेखा से नीचे 9.1 मीटर है।
समुद्री तेल टर्मिनल
जवाहर द्वीप तेल टर्मिनल पर कच्चे तेल और पेट्रोलियम उत्पादों का प्रहस्तन किया जाता है। इस टर्मिनल पर 4 घाट थे: JD1, JD2, JD3 और JD4। कच्चे तेल के बड़े जहाजों के प्रहस्तन के लिए, नई जेट्टी JD5 के निर्माण की परियोजना पहले शुरू की गई थी और वह दिसंबर 2020 में पूरी हुई। इस JD5 घाट की लंबाई 470 मीटर और परिकल्पित गहराई 17 मीटर है। JD5 पर 150000 टन तक के कार्गो वाले जहाजों को लगाया जा सकता है
पीर पाउ में रसायनों और पेट्रोलियम उत्पादों का प्रहस्तन होता है। यहाँ तीन घाट हैं: ओल्ड पीर पाउ, न्यू पीर पाउ (एनपीपी) और न्यू पीर पाउ 2 (एनपीपी 2)। ओल्ड पीर पाउ में केवल लुब्रिकेंट/बेस ऑयल के बजरों का परिवहन होता है। एनपीपी और एनपीपी 2 में रसायनों, एलपीजी और अन्य पेट्रोलियम उत्पादों का परिवहन होता है।
सभी घाट पाइपलाइनों के जाल के माध्यम से तेल शोधक संयंत्रों/भंडारण टैंकों से जुडे हुए हैं।
बंदर
जल घाटों के अलावा, बंदरगाह से लगे हुए कई बंदर और खुले घाट हैं जहाँ बजरों/ नौकाओं द्वारा लाए-ले जाए जाने वाले यातायात का प्रहस्तन किया जाता है ।
शुष्क गोदी (ड्राय डॉक)
पत्तन में इंदिरा गोदी के अंदर एक शुष्क गोदी है, जिसका नाम ह्यूजेस ड्राय डॉक है, जिसकी लम्बाई 304 मीटर है ।
भंडारण
पत्तन क्षेत्र में अधिकांश घाटों पर ट्रांजिट शेड और कई गोदाम हैं, जिनका उपयोग अनिकसित कार्गो के भंडारण और निर्यात कार्गो के प्रेषण पूर्व भंडारण के लिए किया जाता है l
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| S. No. | Title | Link Type | File Size | Last Updated |
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| 1 | पत्तन का लेआउट | File Link | (515.66 KB) | 24 April 2026 |
| 2 | गोदी योजना | File Link | (3.67 MB) | 24 April 2026 |